Mon, October 12, 2026 - Sun, October 18, 2026

साप्ताहिक राशिफल

चंद्र राशि के अनुसार राहु के ग्यारहवें भाव में स्थित होने के कारण दोस्त या सहकर्मी का स्वार्थी बर्ताव, इस सप्ताह आपका मानसिक सुकून ख़त्म कर सकता है। ऐसे में संभव है कि आप वाहन चलाते समय भी, खुद को केंद्रित न रख सकें। इसलिए गाड़ी चलाते समय आपको, इस सप्ताह ज्यादा सावधान रहने की सलाह दी जाती है। चंद्र राशि के अनुसार शनि के बारहवें भाव में स्थित होने के कारण इस सप्ताह आप, आसानी से पैसे इकट्ठा कर सकते हैं। क्योंकि इस दौरान आपको लोगों को दिए पुराने कर्ज़ वापिस मिल सकते हैं, या ये भी संभावना है की आप इस समय अपनी किसी नयी परियोजना पर लगाने के लिए कुछ धन अर्जित कर सकते हैं। घर-परिवार में इस सप्ताह आपको इस बात का विशेष ध्यान रखना होगा कि, आपका कोई करीबी या घर का सदस्य आपकी किसी बातों या काम से आहत न हो। ऐसे में आपके लिए अच्छा होगा कि अपने काम से कुछ समय परिवार के लिए निकालते हुए, उनकी ज़रूरतों को समझने का प्रयास करें। इस सप्ताह जिस व्यापार को सफल बनाने के लिए आप सालों से मेहनत करते हुए, अपना खून-पसीना एक कर रहे थे, उसे पेशेवर तौर पर आप एक अच्छी पहचान दिलाने में इस सप्ताह काफी हद तक सफल हो सकेंगे। इस दौरान आपकी आँखों में ख़ुशी की नमी साफ़ दिखाई देगी। ऐसे में आपको इसका सारा श्रेय खुद ही लेने की जगह, अपने अधिक कार्य कर रहे कर्मियों, भगवान और अपने परिवार के उन सभी लोगों को भी देना होगा, जो हर स्थिति में आपके साथ एक स्तंभ की भाँती खड़े थे। इस सप्ताह छात्रों को अपनी मेहनत करते रहने की आवश्यकता होगी, क्योंकि इस दौरान उनकी समझने की क्षमता बेहतर दिखाई देगी। ऐसे में आप अपनी खराब संगत की ओर ज्यादा ध्यान ना देते हुए, अपने काम से काम रखने की कोशिश करते और आने वाली परीक्षा के लिए खुद को तैयार करने में संलग्न होंगे।

साप्ताहिक प्रेम राशिफल

इस सप्ताह आपका प्रेमी आपको मनाने की कोशिश करता दिखाई देगा और उनके इस प्रयास को देखकर, आपको अंदरूनी ख़ुशी की अनुभूति होगी। जिससे आपका रिश्ता बेहतर होगा ही, साथ ही आप दोनों किसी यात्रा पर जाने का प्लान भी कर सकते हैं। इस राशि के कुछ विवाहित जातकों को, अपने जीवनसाथी के साथ घूमने का मौका इस सप्ताह मिलेगा, जिससे रिश्ते में नयापन आएगा। आप अपने जीवनसाथी के साथ इस दौरान किसी धार्मिक स्थल पर घूमने भी जा सकते हैं।उपाय: “ॐ मन्दाय नमः” का प्रतिदिन 44 बार जप करें।