November, 2022

सामान्य

मिथुन राशि के जातकों के लिए नवंबर का महीना करियर के लिहाज से तो बढ़िया रहेगा लेकिन अन्य क्षेत्र में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। स्वास्थ्य के मोर्चे पर ध्यान देने की आवश्यकता पड़ेगी क्योंकि इस महीने आप की तंदुरुस्ती में कमी आ सकती है। आमदनी में इजाफा दिखाई देता है, जो आपकी आर्थिक समस्याओं को दूर करने में सहायक बनेगा और आपको जीवन में आगे बढ़ाएगा। विदेश जाने की संभावना के भी योग बन रहे हैं। नवंबर का यह महीना आपके जीवन के लिए कैसा रहेगा और परिवार, करियर, स्वास्थ्य, प्रेम आदि क्षेत्रों में आपको कैसे फल प्राप्त होंगे, यह जानने के लिए विस्तार से राशिफल पढ़ें।

कार्यक्षेत्र

करियर के दृष्टिकोण से देखें तो दशम भाव में देव गुरु बृहस्पति वक्री अवस्था में विराजमान हैं। यह आपकी पूरी मदद करेंगे कि आप अपने काम को सही समय पर और सही तरीके से पूरा करें जिससे नौकरी में आपका पक्ष प्रबल रहे। हालांकि बृहस्पति के वक्री होने के कारण आपको कार्यक्षेत्र में ज्यादा मेहनत भी करनी पड़ेगी और प्रयास अधिक करने के बाद ही आपको आपके प्रयासों का फल प्राप्त होगा लेकिन आपकी प्रशंसा भी होगी और लोग आपसे सलाह लेने भी आएंगे। आपके संबंध आप के वरिष्ठ अधिकारियों से मजबूत होंगे। यदि आप नौकरी बदलने की कोशिश कर रहे हैं तो इस महीने की शुरुआत में ही आपको इस काम में सफलता मिल सकती है। उसके बाद बुध, शुक्र और सूर्य के छठे भाव में स्थित हो जाएंगी। यदि कोई आपके विरुद्ध षड्यंत्र भी करता है तो आपको ज्यादा परेशान होने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि वह आपसे जीत नहीं पाएगा लेकिन सावधान और सतर्क रहना बेहद जरूरी होगा। नौकरी में आपको उत्तम लाभ होगा।
यदि आप कोई व्यापार करते हैं तो आपके लिए यह महीना अच्छा रहने वाला है। सप्तम भाव के स्वामी देव गुरु बृहस्पति कुंडली के दशम भाव में विराजमान रहकर आपको अपने व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करते रहेंगे। आपका मन करेगा कि अपने व्यापार में वृद्धि करने का उसके लिए आप काफी प्रयास भी करेंगे। आपको कुछ गणमान्य लोगों का सहयोग भी मिलेगा, जो आपके व्यापार को आगे बढ़ाने में मददगार साबित होंगे। प्रथम भाव से सप्तम भाव पर दृष्टि होने के कारण व्यापार में कुछ भी हो सकती हैं लेकिन आपको सावधानी से बाहर निकलने की कोशिश करनी चाहिए, तभी आप व्यापार के सिलसिले में अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकते हैं। 13 तारीख को वक्री मंगल वृषभ राशि में गोचर कर जाएंगे और द्वादश भाव से सप्तम भाव को देखेंगे। यह स्थिति विदेशी माध्यमों से या दूसरे राज्यों से आपके व्यापार में लाभ की स्थिति को दर्शाती है इसलिए समय का सदुपयोग करने की कोशिश करें और अपने व्यापार की वृद्धि के लिए प्रयासरत रहें।

आर्थिक

यदि आपके आर्थिक दृष्टिकोण पर नजर डाली जाए तो पंचम भाव में चार ग्रह एक साथ आपके एकादश भाव पर दृष्टि डालेंगे, जहां पर राहु महाराज विराजमान हैं। इसके परिणामस्वरूप आपकी आर्थिक स्थिति में काफी सुधार देखने को मिलेगा। आपकी आमदनी में तेजी से बढ़ोतरी होगी, जो आपकी आर्थिक चुनौतियों को कम करेगी और आप को आर्थिक तौर से मजबूत बनाएगी लेकिन जब बुध, शुक्र और सूर्य तीनों ही छठे भाव में चले जाएंगे और वहां से आपके द्वादश भाव को देखेंगे, तब आपके खर्चों में बेतहाशा बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है जिसके परिणामस्वरूप आपका बजट बिगड़ सकता है और आपको अपनी आमदनी को संभालने की कोशिश करनी पड़ सकती है इसलिए बेहतर यही होगा कि समय रहते चेत जाएं और अपने धन को सही तरीके से प्रयोग करने पर ध्यान दें ताकि किसी भी तरह की आर्थिक चुनौती से बचा जा सके। यदि आपके पास अच्छी मात्रा में धन आ रहा है तो आपको उसे किसी सही स्थान पर निवेशित कर देना चाहिए क्योंकि यदि आप ऐसा नहीं करेंगे तो वह व्यर्थ में ही खर्च हो जाएगा और आप हाथ मलते रह जाएंगे और आर्थिक स्थिति बिगड़ जाएगी इसलिए समय रहते धन का सही इस्तेमाल करने पर जोर दें।

स्वास्थ्य

यदि आपके स्वास्थ्य की बात की जाए तो आपके राशि स्वामी पंचम भाव में विराजमान रहेंगे लेकिन 13 तारीख को वह आपके छठे भाव में प्रवेश कर जाएंगे। इसके परिणामस्वरूप स्वास्थ्य संबंधित परेशानियां बढ़ सकती हैं। शुक्र और सूर्य भी उनके साथ छठे भाव में आ जाएंगे तथा मंगल भी वक्री अवस्था में आपकी राशि से निकलकर वृषभ राशि में चले जाएंगे और वहां से छठे भाव पर पूर्ण दृष्टि डालेंगे जिससे स्वास्थ्य बिगड़ने की पूर्ण संभावना बन सकती है इसलिए आपको अपना ध्यान रखना होगा। अपने खाने-पीने की आदतों को सुधार करना होगा। आपको स्किन एलर्जी आंखों के नीचे गहरे गड्ढे होना या फिर आंखों से पानी बहना तथा महिलाओं को मासिक के समय होने वाली समस्याएं परेशान कर सकती हैं इसलिए समय रहते चिकित्सीय उपचार भी अवश्य करें और स्वयं को तंदुरुस्त बनाए रखने के लिए अच्छी दिनचर्या का पालन करने का प्रयास करें।

प्रेम व वैवाहिक

प्रेम संबंधी मामलों की बात की जाए तो महीने की शुरुआत मिश्रित परिणाम लेकर आएगी। पंचम भाव में सूर्य, बुध, शुक्र और केतु की उपस्थिति रहेगी जिससे आपके प्रेम जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहेंगे। एक तरफ तो आपको अपने रिश्ते में रोमांस और प्यार की भावनाएं महसूस होगी तो दूसरी तरफ अहम का टकराव और एक दूसरे को समझना पाने के कारण कुछ खिन्नता भी महसूस होगी और इसका असर आपके रिश्ते पर पड़ेगा इसलिए ना चाहते हुए भी आपके बीच कहासुनी हो सकती है। हालांकि शुक्र, बुध और सूर्य के छठे भाव में जाने के बाद केवल केतु महाराज आपके पंचम भाव में रह जाएंगे तो महीने का उत्तरार्ध थोड़ा सा ठीक होगा लेकिन आपको अपने प्रियतम को समझने का प्रयास करना चाहिए। वह क्या चाहते हैं और उनकी सोच और विचार क्या है, इस पर थोड़ा ध्यान देने की आवश्यकता पड़ेगी। यदि आप ऐसा कर पाने में सक्षम होते हैं तो आप अपने प्रियतम को भली प्रकार समझ पाएंगे और तब आप अपने रिश्ते को सही मायने में संभाल पाने के लायक रहेंगे अन्यथा रिश्ते में समस्या आ सकती है क्योंकि अष्टम भाव में बैठे शनि देव पंचम भाव को पूर्ण दृष्टि से देख रहे हैं। यदि आप रिश्ते में सच्चे हैं तो आपका रिश्ता चलता रहेगा, अन्यथा समस्या बढ़ सकती है।
विवाहित जातकों की बात करें तो सप्तम भाव पर महीने की शुरुआत में वक्री मंगल की सप्तम दृष्टि होने के कारण दांपत्य जीवन में तनाव रखेगा और जीवन साथी से आपकी गरमा-गरम झड़प भी हो सकती है क्योंकि आपके मन में भी क्रोध की भावना हिलोरें मारेगी। इसके वजह से एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए जाने के कारण दांपत्य जीवन में तनाव बढ़ सकता है। आपको किसी भी तरह से इस माहौल को रोकने की कोशिश करनी चाहिए क्योंकि इसके परिणामस्वरूप आपके रिश्ते में तल्खियां बढ़ सकती हैं। महीने के उत्तरार्ध में मंगल महाराज वक्री अवस्था में आपके बारे में घर में चले जाएंगे जिससे आप के अंतरंग संबंध प्रभावित होंगे और कहासुनी बढ़ सकती है लेकिन शुक्र और बुध के छठे भाव में आ जाने से आपके दिल में थोड़ी सी खुशी भी होगी और आप जीवन साथी के साथ खरीदारी करने भी जा सकते हैं जिसकी बदौलत रिश्ते में धीरे-धीरे सामान्य समय दिखाई देना शुरू हो जाएगा।

पारिवारिक

यदि आपके पारिवारिक जीवन की बात करें तो अष्टम भाव में बैठे शनि महाराज की पूरी दृष्टि आपके दूसरे भाव पर रहेगी तथा दशम भाव में बैठकर देव गुरु बृहस्पति भी दूसरे भाव को देख रहे हैं जिसके परिणाम स्वरूप आपके कुटुंब में कुछ उतार-चढ़ाव तो रहेंगे लेकिन फिर भी स्थिति नियंत्रण में रहेगी और कोई भी बड़ी समस्या दिखाई नहीं देती है। बस आपको अपने व्यवहार को और मधुर बनाने की आवश्यकता होगी जिससे आपके अपने आप पर विश्वास कर सकें और आपका समर्थन कर सकें। चतुर्थ भाव पर देव गुरु बृहस्पति की कृपा होने से पारिवारिक सदस्यों में प्रेम की भावना रहेगी और घर के बड़े सदस्य भी सब का मार्गदर्शन करते नजर आएंगे। घर में एकरूपता रहेगी। हालांकि प्रथम भाव में बैठे वक्री मंगल चतुर्थ भाव को देखेंगे जिससे संपत्ति से संबंधित कामों में सफलता मिल सकती है और कोई पारिवारिक संपत्ति खरीदने में सफलता मिल सकती है। तीसरे भाव के स्वामी सूर्य के पंचम भाव में विराजमान होने से आपको भाई बहनों से अच्छा सहयोग प्राप्त होगा। वे आपके कामों में आपकी मदद करेंगे। हालांकि किसी बात पर आपके बीच कुछ कहासुनी भी हो सकती है लेकिन फिर सब कुछ ठीक हो जाएगा।

उपाय

आपको बुधवार के दिन गौ माता को हरा चारा खिलाना चाहिए।
शुक्रवार के दिन वैभव लक्ष्मी माता का व्रत रखना आपके लिए उत्तम रहेगा।
शनिवार के दिन सरसों के तेल का दान करना लाभदायक रहेगा।
बुधवार के दिन पक्षियों के जोड़े को आजाद कराएं और उन्हें खाने के लिए दाना डालें।