Mon, February 09, 2026 - Sun, February 15, 2026

साप्ताहिक राशिफल

राहु के चंद्र राशि से तीसरे भाव में होने के कारण इस वर्ष आपका स्वास्थ्य सामान्य से बेहतर रहेगा, जिसके कारण आप तरोताज़ा महसूस करेंगे। ये वो समय होगा जब आप अपने खुशमिज़ाज़ रवैये से, दूसरों के साथ खुलकर हंसी. मज़ाक करते भी दिखाई देंगे। इस सप्ताह आपको बेवकूफी भरे कार्यों से बचकर रहने, और धन का सही उपयोग करने की ज़रूरत होगी। क्योंकि योग बन रहे हैं कि यदि आपने अपने किसी करीबी से किसी प्रकार के धन की मांग की थी तो, उसमे आपको सफलता मिल सकेगी। इसलिए होशियारी से निवेश करें, और धन का उचित उपयोग करें। आप इस सप्ताह यूँ तो बेहद ऊर्जा के साथ हर कार्य करते दिखाई देंगे, लेकिन किसी अनहोनी की वजह से आपका मूड खराब होने की आशंका है। जिसके परिणामस्वरूप पारिवारिक जीवन में आपका स्वभाव थोड़ा उखड़ा. उखड़ा प्रतीत होगा। पूर्व के दिनों में कामकाज में जो थोड़ी मुश्किल आ रही थी, वो इस सप्ताह पूरी तरह से दूर हो सकती है। जिसके बाद आप अपने पूर्व के सभी अधूरे पड़े कार्यों को भी सफलता के साथ पूरा करते दिखाई देंगे। इस दौरान आशंका है कि आपके ऊपर काम का बोझ थोड़ा बढ़ जाए, लेकिन आप सही रणनीति और अपनी समझ का परिचय देते हुए, काम के प्रति अपनी सभी जिम्मेदारियों का भली. भाँति निर्वाह कर सकेंगे। आपकी राशि के जातकों को इस सप्ताह, शिक्षा के क्षेत्र में आ रही हर प्रकार की परेशानियां से निजात मिल सकेगी। जिसके कारण आप खुद को तनाव मुक्त के साथ. साथ, तरोताज़ा महसूस करेंगे। ऐसे में इस समय का लाभ उठाते हुए, अपनी पढ़ाई के अलावा कुछ समय शारीरिक गतिविधियों को भी देने का प्रयास करें।

साप्ताहिक प्रेम राशिफल

इस सप्ताह आप अपने प्रेमी को, अपने दोस्तों या करीबियों से मिलवाने का फैसला ले सकते हैं। हालांकि इस बारे में प्रियतम की इच्छा अवश्य जान लें, कि वो कहीं उनसे मिलने में संकोच महसूस तो नहीं कर रहा। क्योंकि यदि ऐसा हुआ तो, आपको अपने दोस्तों के सामने शर्मिंदा होना पड़ सकता है। इस सप्ताह जीवनसाथी से बहुत ज़्यादा उम्मीदें या अपेक्षा रखना, आपको वैवाहिक जीवन में उदासी की तरफ़ ले जा सकता है। क्योंकि इससे आपके मन में अपने साथी के प्रति, कई प्रकार के नकारात्मक विचार आने की आशंका रहेगी, जिसका प्रभाव आपके दांपत्य जीवन पर साफ़ दिखाई देगा। इसलिए आपके लिए बेहतर यही रहेगा कि, हर विपरीत परिस्थितियों से बचने के लिए साथी से कम से कम ही अपेक्षा रखें। साथ ही उनसे केवल उसी कार्य की उम्मीद रखें, जो आप उनके लिए स्वंय भी कर सकें।

उपाय: रोज़ 21 बार “ओम गुरुवे नमः” का जाप करें।