Mon, September 21, 2020 - Sun, September 27, 2020

साप्ताहिक राशिफल

चंद्र-देव इस सप्ताह की शुरुआत में आपके द्वितीय भाव में विराजमान रहेंगे और उसके बाद तृतीय, चतुर्थ और पंचम भाव में गोचर करेंगे। इसके साथ ही बुध देव का गोचर आपके द्वितीय भाव में होगा। सप्ताह के प्रारंभ में चंद्र देव आपके द्वितीय भाव में रहेंगे यह भाव वाणी धन आदि का भाव कहलाता है। इस भाव में चंद्रमा के गोचर से आर्थिक मामलों को लेकर आपको सावधान रहने की जरूरत है लेन-देन से जुड़े किसी भी मामले में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें। इसके साथ ही सामाजिक स्तर पर बातचीत के दौरान अपनी वाणी पर नियंत्रण रखने की कोशिश करें। पारिवारिक जीवन के लिए यह समय अच्छा रहने की उम्मीद है। सप्ताह के मध्य में चंद्र-देव जब आपके तृतीय भाव में होंगे तो कारोबारियों को मुनाफ़ा होने की पूरी संभावना है। इस राशि के जातक अपनी योजनाओं को सही तरीके से लागू कर पाने में कामयाब होंगे। अटके हुए कामों को पूरा करने में छोटे भाई-बहनों का सहयोग प्राप्त हो सकता है। सप्ताह के अगले चरण में चंद्र देव आपके चतुर्थ भाव में गोचर कर जाएंगे इस दौरान आपको घर के समान पर खर्च करना पड़ सकता है। हालांकि अपने बजट के अनुसार ही खर्च करें नहीं तो आर्थिक दबाव बढ़ सकता है। सप्ताह के अंत में चंद्र देव आपके पंचम भाव में गोचर कर जाएंगे इस राशि के शिक्षार्थियों को इस दौरान अच्छे फलों की प्राप्ति होगी। जिन विषयों में आप कमजोर हैं उन्हें समझने के लिए घर के बड़ों या अध्यापकों की आप मदद ले सकते हैं। बुध देव आपके द्वितीय भाव में गोचर करेंगे जिससे पारिवारिक माहौल में सकारात्मक बदलाव आएँगे। इसके साथ ही सामाजिक स्तर पर भी आपकी प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।

राहु आपके नौवें घर में और आपके तीसरे घर में केतु होगा, जो आपके भाई-बहनों के साथ कुछ मतभेद ला सकता है। आपके प्रयासों और गतिशीलता में वृद्धि होगी, आप अपने इरादों में मज़बूत होंगे और अपने कार्यों में सफलता प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे।

उपाय- तुलसी के पौधे में जल अर्पित करना आपके लिए शुभ रहेगा।
भाग्य-स्टार: 3.5/5

साप्ताहिक प्रेम राशिफल

कन्या राशि के जो जातक प्रेम संबंधों में पड़े हैं उन्हें छोटी-छोटी बातों को लेकर अपने लवमेट में मीन-मेख नहीं निकालने चाहिए अगर आप बार-बार ऐसा करेंगे तो आपका लवमेट आपसे दूर हो सकता है और आपका रिश्ता भी खराब हो सकता है। इस राशि के जातकों के वैवाहिक जीवन की बात की जाए तो आपके जीवनसाथी को आपके साथ की इस दौरान पूरी आवश्यकता होगी इसलिए उनके साथ बात करें और उन्हें समझने की कोशिश करें, अगर आप अपनी ही धुन में रहेंगे तो दांपत्य जीवन में मुश्किल घड़ियां आ सकती हैं।