Mon, November 21, 2022 - Sun, November 27, 2022

साप्ताहिक राशिफल

तनाव का सीधा असर तबियत को ख़राब कर सकता है और ऐसा ही कुछ आप इस सप्ताह भी महसूस करेंगे। खासतौर से मध्य सप्ताह में चन्द्रमा के द्वितीय और तृतीय भाव में होने पर निजी जीवन में चल रही अशांति आपके तनाव में वृद्धि का मुख्य कारण बनेगी, जिससे सेहत खराब हो सकती है। जिन जातकों ने पूर्व में किसी भी प्रकार का कोई लोन या ऋण लिया था, उन्हें इस सप्ताह उस लोन की राशि को चुकाने में दिक्कतें आ सकती हैं। जिसके पीछे का मुख्य कारण आपका धन संचय न करना हो सकता है। इसलिए अपने धन को संचय करने की ओर अभी से प्रयास करें। अपने परिवार या दोस्तों के साथ किसी पिकनिक पर जाने के लिए, मध्य समय बेहतरीन है। यह न केवल आपका मन हल्का करेगा, बल्कि इससे आप उनके साथ अपने संबंधों को और बेहतर करने में भी सफल हो सकेंगे। मंगल आपकी राशि के दशम भाव में होंगे। ऐसे में खाली समय में कार्यक्षेत्र पर आपका इस सप्ताह, अपने मोबाइल पर कोई वेब सीरिज़ देखना, आपके वरिष्ठ अधिकारियों को नापसंद आ सकता है। इससे उनके सामने आपकी छवि भी प्रभावित होगी। बुध की तृतीय भाव में मौजूदगी होने से छात्रों को समझने की ज़रूरत होगी कि शिक्षा से जुड़े हर काम को सप्ताह के आख़िर में टालना कोई समझदारी का काम नहीं होता है। क्योंकि एक सप्ताह पलक झपकाते ही ग़ायब हो जाता है, जिसके बाद आपको समय की कमी से परेशानी हो सकती है। इसलिए अब आलस्य को ख़ुद पर हावी न होने दें और बाक़ी बचे कामों को झटपट हाथ में लेते हुए उसे पूरा करने की कोशिश करें।

साप्ताहिक प्रेम राशिफल

दिल से आप अपने संगी को खुश करने की कोशिश इस सप्ताह करते नजर आ सकते हैं। किसी तीसरे शख्स की वजह से यदि आप दोनों के बीच दूरियाँ आई थीं तो वह इस दौरान दूर हो सकती हैं। प्यार की गाड़ी वापस पटरी पर आ जाएगी और आप फिर से प्यार के रंगों में रंगे दिखेंगे। संगी को खुश रखने के लिए व्यवहार में आवश्यक परिवर्तन करेंगे। वहीं 24 नवंबर से जैसे ही गुरु महाराज आपकी राशि से विवाह के सप्तम भाव में मार्गी होंगे, तब विवाहित जातक जीवनसाथी के प्रति, इस दौरान सामान्य से काफी ज्यादा आकर्षण महसूस कर सकते हैं। ऐसे में आपको उनके लिए कुछ ख़ास कार्य करने की ज़रूरत होगी। इसके लिए आप उन्हें कोई उपहार दे सकते हैं या कहीं बाहर खाने पर ले जाते हुए, उन्हें सरप्राइज देखकर भी आप उनका दिल जीत सकते हैं।
उपाय: भगवान गणेश की उपासना करते हुए नियमित रूप से “संकटनाशन गणेश स्तोत्र” का पाठ करें।